पक गई हैं आदतें बातों से सर होंगी नहीं कोई हंगामा करो ऐसे गुज़र होगी नहीं -दुष्यंत कुमार
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पहले सिद्ध करो बे !
भारत में हम अभी ऐसे समय में जी रहे हैं जहाँ तब तक किसी भी चीज को सत्य नहीं मानी जायेगी जब तक आप उस चीज को सिद्ध ना कर दें । चाहे वो बात राष्...
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आज शाम से फ़िर यादें जवान है , हर गीत के अल्फ़ाज़ों में उनको ढूंढना जारी हैं , कलम से कागज पर हर एक शब्द में उनकी एहसास को उतारी जा रही है ,...
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* जो " पानी" सा ज़रूरी था जिन्दा रहने केलिए वो आँखों " पानी" की वजह बन गया * जो "हवाओं" सा ज़रूरी था सास ले...
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साला ये ज़िन्दगी का क्या प्लान है समझ ही नहीं आ रहा , कुछ तो सही हो जाये मेरे साथ पर नहीं । शक्ल खराब है या किस्मत या दोनो कुछ पता ही नहीं चल...

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